बस्तर दशहरा: 75 दिन चलने वाला पर्व कैसे मनाया जाता है
रावण दहन के बिना मनाया जाने वाला यह उत्सव दंतेश्वरी माता को समर्पित है। जानिए इसकी प्रमुख रस्में।

यह एक नमूना लेख है। इसमें दी गई जानकारी सामान्य है; ताज़ा और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित विभाग की वेबसाइट देखें।
पर्व की खासियत
बस्तर दशहरा लगभग 75 दिन तक चलता है और इसे दुनिया के सबसे लंबे उत्सवों में गिना जाता है। इसमें रावण दहन नहीं होता; यह बस्तर की आराध्य देवी दंतेश्वरी माता को समर्पित है।
प्रमुख रस्में
- पाट जात्रा से उत्सव की शुरुआत होती है।
- काछिन गादी में देवी से पर्व मनाने की अनुमति मांगी जाती है।
- रथ परिक्रमा में गांव-गांव से आए लोग लकड़ी का विशाल रथ खींचते हैं।
- मुरिया दरबार में समुदाय के प्रतिनिधि मिलकर चर्चा करते हैं।
क्यों है खास
यह पर्व आदिवासी समुदायों की साझेदारी, पारंपरिक कारीगरी और सामूहिक निर्णय की परंपरा को एक साथ दिखाता है।