कोरबा: "ऊर्जा नगरी" की पहचान कैसे बनी
कोयले की खदानों और बिजली संयंत्रों ने कोरबा को प्रदेश का औद्योगिक केंद्र बनाया। एक संक्षिप्त इतिहास।

यह एक नमूना लेख है। इसमें दी गई जानकारी सामान्य है; ताज़ा और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित विभाग की वेबसाइट देखें।
कोयला और बिजली
कोरबा ज़िला कोयले के भंडार के लिए जाना जाता है। इसी कारण यहां कई thermal power संयंत्र लगे, और शहर को "ऊर्जा नगरी" या power capital कहा जाने लगा।
शहर पर असर
उद्योगों के साथ रोज़गार, सड़क और रेल संपर्क बढ़े। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण और विस्थापित परिवारों का पुनर्वास लगातार चर्चा के मुद्दे रहे हैं।